माता पिता हमारे लिए आदरणीय है
माता-पिता भगवान नहीं।
क्योंकि माता पिता हमें हर जन्म में मिल जाते हैं आप गधे की यौनी मे जाओगे आपको वहां भी माता पिता मिल जावेंगे इसी तरह आप चाहे कुत्ते, सुअर, बिल्ली ,गाय, भेड, बकरी किसी भी यौनी मे चले जाओगे वहां भी आपको माता पिता मिलेंगे इसलिए माता पिता की सेवा करने से केवल सेवा अर्थात् पुण्य बन जावेंगे और उसी भुगतान हमे हर जन्म में करना होता है और इसी कारण हमें बार बार जन्म लेने व मरने का असहनीय दर्द उठाना पडता है कहने का मतलब यह है कि हमें माता पिता की सेवा अवश्य करें पर भगवान मानकर नहीं बल्कि कर्तव्य जानकर करे क्योंकि उनका हमारे को जन्म देने, पालने पोषने ,पढाने लिखाने और स्वयं के पैरों पर खडा करने का बहुत कर्ज हमारे पर चढ जाता है जिसको हमें उनकी सेवा करके ही उतारना होता है अब प्रश्न यह है कि हमें इस कर्ज और आवागमन के चक्कर से कैसे मुक्त हो इसके लिए हमें पुर्ण सतगुरु बनाना होगा जैसा हमारे शास्त्रों में वर्णित है
सतगुरू के लक्षण कहुं, मधुरे बैन विनोद।
चार वेद षट शास्त्र, कह अट्ठारह बोध।।
क्योंकि
मात पिता मिल जावेंगे, लख चौरासी माही।
सतगुरु सेवा बंदगी ,फेर मिलन की नाही।।
इसलिए माता पिता हर जन्म में मिलेंगे परंतु सतगुरू व उसकी सेवा केवल मनुष्य जन्म में ही सम्भव है और बिना सतगुरु के यहा के महान कष्ट आवागमन, जन्म जन्म का कर्ज आदि से केवल सतगुरू ही बचा सकता है अगर हमने सतगुरू की शरण नहीं ली तो शरीर छूटने के बाद बहुत पछतावा होगा कबीर साहेब ने कहा है
कि
आछे दिन पाछे गये, किया न गुरु से हेत।
अब पछतावे क्या करें, जब चिडिया चुग गई खेत।।
माता पिता हमारे लिए आदरणीय है
माता-पिता की सेवा क्यों करनी चाहिए?
माँ-बाप की सेवा अवश्य करने योग्य है। क्योंकि यदि आप सेवा नहीं करोगे, तो आप किस की सेवा पाओगे? आपकी आनेवाली पीढ़ी कैसे सीखेगी कि आप सेवा करने लायक हो? बच्चे सब देखा करते हैं। वे देखेंगे कि हमारे फादर ने कभी उनके बाप की सेवा नहीं की है! फिर संस्कार तो नहीं ही पड़ेंगे न?
इसलिए सतगुरु बडा होता है और आज इस धरती पर सतगुरु केवल संत रामपाल जी महाराज ही है उनकी बताई गई सतभक्ति और मर्यादा का पालन करके इस जन्म मरण के चक्कर से मुक्त हो सकते हैं इसलिए देर न करो भाइयों संत रामपाल जी महाराज को पहचान कर अपना कल्याण करवालो।
जानने के लिए देखिए साधना टीवी शाम7:30से8:30तक